RBSE Solutions for Class 10 Science Chapter 12 in HIndi medium

यहां आपको  RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium पूर्ण और विस्तृत विवरण है। कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 12 विद्युत के लिए NCERT Solutions कक्षा 10 के छात्रों को अवधारणाओं को समझने में मदद करेगी।

 RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium पूर्ण पाठ्यक्रम को कवर करती है और आपको RBSE (Rajasthan Board of Secondary Education) और अन्य बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोत्तम परिणाम  प्राप्त  करने में मदद करता है |अध्याय में से संख्याताम्क प्रश्न(numerical questions) भी पूछे जाते है जिनके लिए आपको formula of chapter 12 याद करने होंगे|

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium

आपको RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium  पढने  से पहले सभी Topics को जान लेना चाहिए |

  1. विद्युत धारा और परिपथ
  2. विद्युत क्षमता और संभावित अंतर
  3. परिपथ आरेख
  4. ओम का नियम
  5. कारक जिन पर एक कंडक्टर का प्रतिरोध निर्भर करता है
  6. प्रतिरोधकों की एक प्रणाली का प्रतिरोध
  7. विद्युत धारा का हीटिंग प्रभाव

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Intext questions

Chapter 12  Electricity

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 222

Q.1 विद्युत परिपथ का क्या अर्थ है?

Ans.   विद्युत धारा के निरंतर और बंद पथ को विद्युत परिपथ कहा जाता है।

Q.2    विद्युत् धारा के मात्रक की  परिभाषा लिखिए।

Ans. विद्युत धारा का मात्रक  ‘एम्पीयर’ है| किसी परिपथ से प्रति सेकंड एक कूलाम आवेश के प्रवाहित होने पर पतिपथ में धारा का मान एक एम्पियर होता है।

Q.3    एक कूलाम आवेश की रचना  करने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या परिकलित कीजिये।

Ans.

एक  इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1.6 ×10 -19  कूलाम

Q=\frac{n}{e}
Q=\frac{n}{e}\ =\ \frac{1}{1.6\ \times\ {10}^{-19}}
Q= 6.2 ×\times{10}^{18}कूलाम 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 224

Q.1    उस युक्ति का नाम लिखिए  जो किसी चालक के सिरों पर विभवान्तर बनाए रखने में सहायता करती है|

Ans.   एक सेल या बैटरी एक चालक के सिरों पर विभवान्तर बनाए रखने में सहायता करती है

Q.2    यह कहने का क्या तात्पर्य  है कि दो बिंदुओं के बीच  विभवांतर 1 V है?

Ans.   एक किसी धारावाही चालाक के दो  बिंदुओं के बीच एक कूलाम आवेश को  एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में 1जूल कार्य किया जाता है तो उन दोनों बिन्दुओं के बीच विभवान्तर  1 वोल्ट होता है|

Q.3    6 वोल्ट बैटरी से गुजरने वाले हर एक  कूलाम  आवेश को कितनी ऊर्जा दी जाती है?

Ans.

दिया गया

विभवान्तर (V) = 6 वोल्ट

आवेश (Q)= 1कूलाम

ऊर्जा(W) =?

  • कार्य ही ऊर्जा है|

W=VQ

= 6× 1 = 6 जूल

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 232

Q.1    किसी चालाक  का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?

Ans.   एक चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर  निर्भर करता है

  (i) लंबाई

(ii) अनुप्रस्थ काट के  क्षेत्रफल

 (iii) चालक के पदार्थ की  प्रकृति पर ।

 

Q.2    क्या समान पदार्थ के दो तारों में यदि एक पतला तथा दूसरा मोटा हो तो इनमे से किसमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होगी जब कि उन्हें समान विद्युत स्त्रोत से संयोजित किया जाता है? क्यों?

Ans.   एक ही विद्युत् स्रोत से जुड़े होने पर एक ही पदार्थ के मोटे तार के माध्यम से धारा अधिक आसानी से प्रवाहित होगी, क्योंकि इसका प्रतिरोध  कम होता है |क्यों कि चालक का प्रतिरोध उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के  व्युत्क्रमानुपातिक होता है। इसलिए यदि अनुप्रथ काट का क्षेत्रफल बढता है तो प्रतिरोध कम होता है जिससे विद्युत् धारा आसानी से प्रवाहित होती है इसलिए  मोटा तार  पतले तार की तुलना में कम प्रतिरोध प्रदान करता है।

 

Q.3    मान लीजिये किसी वैधुत अवयव के दो सिरों के बीच विभवान्तर को उसके पूर्व के विभवान्तर की तुलना में घटाकर आधा कर देने पर भी उसका प्रतिरोध नियत  रहता है| तब उस अवयव से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा में क्या  परिवर्तन होगा?

Ans.   जब किसी वैधुत अवयव के दो सिरों के बीच विभवान्तर को उसके पूर्व के विभवान्तर की तुलना में घटाकर आधा कर देने पर भी उसका प्रतिरोध नियत  रहता है| तो उस अवयव से प्रवाहित धारा का मान भी आधा हो जाता है | ओम के नियमानुसार I=V/R

 

Q.4    विद्युत टोस्टरों और विद्युत इस्तरियों के तापन अवयव  शुद्ध धातु के बनाकर किसी मिश्र धातु के क्यों बनाए जाते हैं?

Ans.   मिश्र धातु का उपयोग इस वजह से किया जाता है –

  1. मिश्र धातु की प्रतिरोधकता शुद्ध धातु की तुलना में अधिक होती है।
  2. मिश्र धातु का गलनांक उच्च होता है।
  3. गर्म करने पर वे आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होते हैं।

इलेक्ट्रिक टोस्टर और इलेक्ट्रिक आयरन के कॉइल नाइक्रोम से बने  होते है ।  नाइक्रोम एक मिश्र धातु है जिसमे  निकल (60%), क्रोमियम (12%), मैंगनीज (2%) और लोहे (26%)  होते है।

 

Q.5    निम्नलिखित प्रश्नों के  उत्तर  तालिका 12.2 में दिए गए आंकड़ों के आधार पर दीजिये :

  (a)  आयरन[Fe] तथा मर्करी[Hg] में से कौन अच्छा विद्युत चालक है?

  (b) कौन सा पदार्थ सर्वश्रष्ठ चालक है?

Ans.   तालिका 12.2 के अनुसार

  1. आयरन[Fe] तथा मर्करी[Hg] में से आयरन अच्छा विद्युत चालक है
  2. सिल्वर[Ag] सबसे अच्छा कंडक्टर है।

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 237

 

Q.1    किसी विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख आरेख खींचीये जिसमें  2 वोल्ट की तीन सेलों  की बैटरी, एक 5 Ω प्रतिरोधक , एक 8 Ω प्रतिरोधक और 12Ω प्रतिरोधक तथा  एक प्लग कुंजी , सभी श्रेणीक्रम में संयोजित हों|

Ans.                                          

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Q.2    प्रश्न 1 का परिपथ पुन: खीचिये तथा इसमे  प्रतिरोधकों से प्रवाहित विद्युत धारा को मापने के लिए एमीटर तथा 12 Ω प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवान्तर मापने के लिए  वोल्टमीटर लगाइए । एमीटर और वोल्टमीटर में क्या पाठ्यांक होंगे।

Ans.

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बैटरी का कुल विभवान्तर V=  2× 3 = 6 Volt

कुल प्रतिरोध R=  R1 +R2+R3

          R = 5 +8 +12 =25 Ω

अमीतर का पाठ्यांक = 0.24A

वोल्त्मीटर के लिए पाठ्यांक

V=IR

 = 0.24 ×12 =2.88 V

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 240

 

Q.1    (a) 1Ω और 106.Ω  (b) 1 Ω और 103Ω और 106Ω के प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में संयोजित किये जाते है तो इनके तुल्य प्रतिरोध के संबंध में आप क्या निर्णय करेंगे|

(a) R1\ =\ 1\ \Omega\ \ ,\ R2\ =\ {10}^6.\Omega
\frac{1}{R}\ =\frac{1}{R_1}\ \ +\ \frac{1}{R_2}\ \ 
\frac{1}{R}\ \ =\ \frac{1}{1}\ \ +\ \frac{1}{{10}^6}
\frac{1}{R}\ =\ \frac{{10}^6\ \ +\ \ 1}{{10}^6}

 अत: परिपथ का तुल्य प्रतिरोध 1 ओम से कम होगा |

(b) R1 = 1 Ω R2 =103Ω   R3 = 106Ω

 

 \frac{1}{R}\ \ =\frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}\ +\ \frac{1}{R_3}
 \frac{1}{R}\ =\ \frac{1}{1}\ +\frac{1}{{10}^3\ }\ +\ \frac{1}{{10}^6}
\frac{1}{R}\ =\ \frac{{10}^6{+\ 10}^3\ +1}{{10}^6}
\frac{1}{R}\ =\ \frac{1000000\ +\ 1000\ +\ 1}{1000000}
R=\ \frac{1000000}{1001001}Ω

अत: परिपथ का तुल्य प्रतिरोध 1 ओम से कम होगा |

 

Q.2    100Ω का  विद्युत लैंप, 50Ω का एक विद्युत टोस्टर, और  500 Ω का एक जल फिल्टर 220 वोल्ट के विद्युत स्रोत से पार्श्वक्रम में संयोजित है|उस विद्युत इस्तरी का प्रतिरोध क्या है जिसे यदि सामान स्त्रोत के साथ संयोजित कर दें तो वह उतनी ही विद्युत धारा लेती है जितनी तीनो युक्तियाँ लेती है|यह भी ज्ञात कीजिये कि इस विद्युत इस्तरी से क्तिनी विद्युत धारा प्रवाहित होती है|

Ans.  

R1 = 100 Ω   R2  = 50 Ω   R3 = 500 Ω

जब तीनो उपकरणों को पार्श्व क्रम में सयोजित किया जाता है तो परिणामी प्रतिरोध निम्न होगा

 

\frac{1\ }{R}\ =\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}\ +\ \frac{1}{R_3}
\frac{1}{R}\ =\ \frac{1}{100}\ +\ \frac{1}{50}\ +\ \frac{1}{500}\ 
=\ \frac{5\ +\ 10\ +\ 1\ }{500}
=\ \frac{1}{500}
R=\ \frac{500}{16}\ =\ 31.25\Omega

विद्युत् इस्तरी द्वारा ली जाने वाली धारा

 

\ I=\ \ \frac{V}{R}\ =\ \frac{220}{31.25}\ =\ 7.04A

Q.3    श्रेणीक्रम में संयोजित करने के स्थान पर वैधुत युक्तियो को पार्श्वक्रम में संयोजित करने के क्या लाभ हैं?

Ans.   विद्युत उपकरण को पार्श्व क्रम में सयोंजित करने के निम्न लाभ हैं –

  1. वैद्युत युक्तियों को अलग अलग विद्युत धारा प्राप्त होती है | क्यों कि सभी उपकरणों का प्रतिरोध व शक्ति अलग अलग होती है |
  2.  किसी भी उपकरण को दूसरे उपकरण  के हस्तक्षेप के बिना चालू या बंद किया जा सकता है।

 

Q.4    2Ω, 3Ω और 6Ω के तीन  प्रतिरोधको को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध  (a) 4Ω (b)1Ω  हो?

Ans.

(a) 4Ω कुल प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए 2Ω के प्रतिरोधक को 3Ω    और 6Ω के पार्श्व क्रम संयोजन के श्रेणी क्रम में जोड़ा जाएगा

 

R\ =\ R_1+\ \frac{R_2\ \times\ R_3}{R_2\ +\ R_3}
=\ 2\ +\ \frac{3\ \ \times\ 6\ }{3\ +\ 6\ }\ =\ 4\Omega

(b)1Ω कुल पप्रतिरोध प्राप्त करने के लिए 2Ω , 3Ω और 6Ω के प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में संयोजित किया जाएगा

\frac{1}{R}\ =\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}\ +\ \frac{1}{R_3}
\frac{1}{R}=\ \frac{1}{2}\ \ +\frac{1}{3}\ +\frac{1}{6}
=\ \frac{3\ \ +\ 2\ +\ 1\ }{6}
=\ \frac{6}{6}\ =1\Omega

Q..5   4Ω, 8Ω, 12 Ω और 24Ω   प्रतिरोध की  चार कुंडलियों को किस प्रकार संयोजित करें कि संयोजन से  (a) अधिकतम , (b) निम्नतम  प्रतिरोध प्राप्त हो सके?

Ans.

(a)अधिकतम प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए सभी प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाएगा

R = R1 +R2 +R3+ R4

 = 4 + 8 + 12 +24 = 48Ω

(b) निम्नतम प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए सभी प्रतिरोधाको को समान्तर क्रम में जोड़ा जाएगा

 

\frac{1}{R}\ =\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}\ +\ \frac{1}{R_3}
=\ \frac{1}{4}\ +\ \frac{1}{8}\ +\ \frac{1}{12}\ +\ \frac{1}{24}
=\ \frac{6\ +\ 3\ +\ 2\ +\ 1}{24}=\frac{12}{24}
=\ \frac{1}{2}
R=\ 2\Omega

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 242

Q.1    किसी विद्युत हीटर की डोरी क्यो  उतप्त नहीं होती जबकी तापन अवयव उतप्त हो जाता है?

Ans.   हम जानते हैं कि H = I2Rt , इसलिए ऊष्मा उत्पन्न  होती है जब विद्युत् धारा प्रवाहित होती है | ऊष्मा , एक प्रतिरोधक के  प्रतिरोध के समानुपातिक होती है। विद्युत हीटर का प्रतिरोध डोरी की तुलना में बहुत अधिक है और यह गर्म हो जाता है और उतप्त होता है।

 

Q.2    एक घंटे में 50 वोल्ट विभवान्तर से 96000 कूलाम आवेश को स्थानांतरित करने में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिये|

Ans.

दिया गया

आवेश (Q) = 96000 C

विभवान्तर (V) = 50V

ऊष्मा =?[ऊष्मा और कार्य,  ऊर्जा के प्रकार ही है]

W= VQ

= 50 × 96000

= 4800000 J

=4800kJ

Q.3    20 Ω प्रतिरोध की कोई  विद्युत इस्तरी  5A विद्युत लेती है । 30 सेकंड में उत्पन्न  ऊष्मा परिकलित  कीजिये।

Ans.

दिया गया

प्रतिरोध( R)= 20Ω

विद्युत् धारा( I) = 5A

समय (t) = 30s

H=I2Rt

= 5 ×5 ×20 × 30

H =15000J

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium Questions Page 245

Q.1    विद्युत धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण कैसे किया जाता है?

Ans.   विद्युत शक्ति उस दर को निर्धारित करती है जिस दर पर  विद्युत् धारा द्वारा   ऊर्जा प्रदान  की जाती है|

 

Q.2    कोई विद्युत  मोटर 220 वोल्ट के विद्युत स्त्रोत से 5 A  विद्युत धारा लेता है। मोटर की शक्ति  निर्धारित कीजिये तथा 2 घंटे में मोटर द्वारा उपभुक्त ऊर्जा परिकलित कीजिये|

Ans.

दिया गया

विद्युत धारा( I) = 5A

विभवान्तर (V )= 220V

शक्ति P= ?

दो घंटों में उपभुक्त ऊर्जा =?

हल 

(a)  P=V × I

= 220 5 =1100 W

(b) दो घंटों में उपभुक्त ऊर्जा = 1100  × 2h

    = 2200Wh

    = 2.2 kWh

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 12 in Hindi medium EXERCISE

 

Q.1 प्रतिरोध R के तार के एक टुकड़े को पांच बराबर भागों में काटा जाता है। इन भागों को तब समानांतर में जोड़ा जाता है। यदि इस संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध R है तो अनुपात, R/R′ है-

   (a) 1/25                         

  (b)  1/5

 (c) 5

(d) 25

Ans.-    (d) 25  

 

Q.2 निम्नलिखित में से कौन सा पद एक परिपथ में विद्युत शक्ति का प्रतिनिधित्व नहीं करता है?

 (a) I2R

(b) IR2  

 (c) VI

(d) V 2 / R  

Ans.      (b)  IR2

 

Q.3 किसी विद्युत्  बल्ब का अनुमातांक  220 वोल्ट: 100 वाट है। जब इसे 110 वोल्ट पर प्रचालित करते हैं  , तब इसके द्वारा उपभुक्त शक्ति कितनी होती है ?

(a) 100 W

(b) 75 W

(c) 50 W

(d) 25 W

Ans : (d) 25 वाट

 

Q.4 दो चालक तार जिनके पदार्थ लम्बाई तथा व्यास सामान हैं किसी विद्युत् परिपथ में पहले श्रेणीक्रम में और फिर पार्श्व क्रम में सयोंजित किये जाते है \ श्रेणीक्रम तथा पार्श्वक्रम संयोजन में उत्पन्न ऊष्माओं का  अनुपात क्या होगा ?

  (a) 1 : 2

 (b) 2 : 1

(c) 1 : 4

(d) 4 : 1

Ans. (d) 4 : 1

 

Q5  किसी विद्युत् परिपथ में  दो बिंदुओं के बीच विभवांतर  मापने के लिए वोल्त्मीटर को किस प्रकार संयोजित किया जाता है ?

Ans.दो बिंदुओं के बीच विभवांतर  मापने के लिए वोल्त्मीटर को पार्श्वक्रम (समान्तर क्रम )संयोजित किया जाता है

 

Q.6 किसी तांबे के तार का व्यास 0.5 mm  और प्रतिरोधकता 1.6 × 10-8 Ωm है। 10Ω प्रतिरोध का प्रतिरोधक बनने के लिए कितने लम्बे तार की आवश्यकता होगी?यदि इसमें दोगुने व्यास का तार ले तो प्रतिरोध में क्या अंतर आयेगा|

Ans.

 दिया गया

 व्यास (d)= 5 ×10 -4m

परिधि (r) = 2.5 10 -4m

प्रतिरोधकता (P) = 1.6 × 10-8 Ωm

प्रतिरोध हम जानते है

 

R=\ \rho\frac{l}{A}
A=\ \pi r^2
R=\rho\frac{l}{\pi r^2}
l=\ \frac{\pi r^2R}{\rho}
=\frac{3.14\ \times\ 2.5\ \times\ 2.5\ \times10\ \times{10}^{-8}}{1.6\ \ \times\ {10}^{-8}}
l=\ 122.76m

यदि व्यास को दोगुना कर दिया जाए तो प्रतिरोध एक चौथाई  हो जाएगा |

Q.7 किसी के सिरों के बीच विभवान्तर V के विभिन्न मानों के लिए उससे प्रवाहित विद्युत् धाराओं I के सांगत मान आगे दिए गए है

I(एम्पियर)

0.5

1.0

2.0

3.0

4.0

V(वोल्ट)

1.6

3.4

6.7

10.2

13.2

       V और I के बीच एक ग्राफखींचकर इस  प्रतिरोधक का  प्रतिरोध ज्ञात कीजिये ।

ग्राफ से

V= 1.6 Volt

I= 0.5 Amp

ओम के नियमानुसार

V=IR

1.6= 0.5 × R

 

 R=\ \frac{V}{I}\ =\ \frac{1.6}{25}
R= 3.2Ω

8     किसी अज्ञात प्रतिरोध के प्रतिरोधक का प्रतिरोधक के सिरों में 12 V की बैटरी को संयोजित करने पर  परिपथ  में 2.5 mA  विद्युत् धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोधक का  प्रतिरोध परिकलित कीजिये ।

Ans.

दिया गया

विभवान्तर (V) = 12 V

विद्युत् धारा (I)= 2.5mA = 0.0025A

ओम के नियमानुसार

V=IR

12= 0.0025  × R

 

R=\ \frac{12}{0.0025}\ =\ 4800\mathrm{\Omega}
R= 4.8kΩ

Q.9  9 वोल्ट की किसी बैटरी को 0.2Ω, 0.3Ω, 0.4Ω, 0.5Ω  और 12Ω के प्रतिरोधकों के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है | 12 Ω के प्रतिरोधक में कितनी विद्युत् धारा प्रवाहित होगी?

Ans.जब    0.2Ω, 0.3Ω, 0.4Ω, 0.5Ω  और 12Ω के प्रतिरोधकों को श्रेणी क्रम में संयोजित किया जाता है तो कुल प्रतिरोध

R= R_1+\ R_2\ +R_3+\ R_4+\ R_5
= 0.2 +0.3 +0.4 +0.5 +12.0 = 13.4Ω
ओम के नियमानुसार 
V=IR
9 = 1 × 13.4
I=\ \frac{9}{13.4}=\ 0.67\ A

Q.10     176 Ω प्रतिरोध के कितने प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में संयोजित करें कि  220 वोल्ट  के विद्युत् स्त्रोत से  5 A विद्युत् धारा प्राप्त हो ?

Ans.

दिया गया

विभवान्तर (V)=220 V

विद्युत् धारा (I) =5A

 

ओम के नियमानुसार
V=IR
220= 5× R 
R=\ \frac{V}{I}\ =\ \frac{220}{5}\ =\ 44\mathrm{\Omega}
मान लेते है कि 176 Ω के x  प्रतिरोधकों की आवश्यकता है |
\frac{1}{44}=\ \frac{\chi}{176}
44\ \chi=\ 176
\chi=\ \frac{176}{44}=4

176Ω के   4 प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में 220 V से संयोजित करनेसे 5A धारा प्राप्त होगी |

 

Q.11    यह दर्शाइये कि आप  6Ω के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि प्राप्त संयोजन का प्रतिरोध ,  (i) 9Ω, (ii) 4Ω  हो।

Ans.(i) 9 Ω  के कुल प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए 6Ω  दो प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में  और 6Ω  एक प्रतिरोधक को उनके श्रेणीक्रम में संयोजित करेंगे|

 

\frac{1}{R}=\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}
\frac{1}{R}\ =\ \frac{1}{6}\ +\ \frac{1}{6}
\frac{1}{R}=\ \frac{1\ +\ 1\ }{6}\ =\ \frac{2}{6}
R= \frac{6}{2}= 3Ω 
अब प्राप्त 3Ω  को 6Ω के   प्रतिरोधक से श्रेणी क्रम में जोड़ने पर कुल प्रतिरोध 
R= 3 + 6 = 9Ω

(ii)6Ω के तीन प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में जोड़ते हैं और ऐसे दो सेट बनाकर उन्हें आपस में श्रेणी क्रम में जोड़ते हैं|

 

\frac{1}{R}=\ \frac{1}{R_1}+\frac{1}{R_2}+\frac{1}{R_3}
\frac{1}{R}=\frac{1}{6}\ +\frac{1}{6}\ +\frac{1}{6}
\frac{1}{R}=\ \frac{3}{6}
R=\frac{6}{3}=\ 2\Omega
अब हमें दोनों सेटों के प्रतिरोध प्राप्त हो जायेगे | चुकि दोनो सेट आपस में श्रेणी क्रम में है तो कुल प्रतिरोध
R= R1+R2
  = 2 + 2 = 4Ω

Q.12     220 वोल्ट की विद्यत लाइन पर उपयोग किये जाने वाले बहुत से बल्बों का अनुमतांक10 W  है | यदि 220 वोल्ट लाइन से अनुमत अधिकतम विद्युत् धारा 5A  है तो दो तारों के बीच कितने बल्ब पार्श्व क्रम में संयोजित किये जा सकते हैं |

Ans.

दिया गया

विभवान्तर (V)= 220V

विद्युत् धारा (I)=5A

प्रत्येक बल्ब की शक्ति(P)= 10W

 

P= VI
10 = 220 ×I 
I=\ \frac{10}{220}=\frac{1}{22}A
अत:5 A  विद्युत  धारा     के लिए बल्बों की संख्या =5\ \div\frac{1}{22}
5\times\ 22\ =\ 110
अत: 110 बल्ब पार्श्वक्रम में संयोजित किये जा सकते हैं |

Q.13     किसी विद्युत् भट्टी की तप्त प्लेट दो प्रतिरोधक  कुंडलियों A तथा B  की बनी हैं जिनमे प्रत्येक का प्रतिरोध 24 Ω है तथा इन्हें पृथक पृथक , श्रेणीक्रम में अथवा पार्श्व क्रम में संयोजित करके उपयोग किया  जा सकता है | यदि यह भट्टी 220 V विद्युत् स्त्रोत से संयोजित की जाती है  तो तीनों प्रकरणों में प्रवाहित विद्युत् धाराएँ क्या है ?

Ans.

(i)जब 24 Ω के प्रतिरोध को पृथक उपयोग किया जाता है तो

 

V=IR
220= I× 24 
I=\ \frac{220}{24}=\ 9.16A

(ii)जब 24Ω के 2  प्रतिरोध को श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है

 

 R=R_1+\ R_2
R= 21 +24 =48Ω
V=IR
220= I ×48
I=\frac{220}{48}=\ 4.58A

(iii)जब 24 Ω के 2 प्रतिरोध को समान्तर क्रम में जोड़ा जाता है |  

 

\frac{1}{R}=\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}
\frac{1}{R}=\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}
\frac{1}{R}=\frac{1}{24}+\ \frac{1}{24}=\frac{2}{24}
R= 12Ω
R= 12Ω
V=IR
220=I ×12
I=\frac{220}{12}=18.33A

Q.14     निम्नलिखित परिपथों में से प्रत्येक में 2Ω प्रतिरोधक में उपभुक्त  शक्तियों की तुलना कीजिये: (i)  6 वोल्ट की बैटरी से संयोजित 1Ω और 2Ω श्रेणीक्रम संयोजन  (ii) 4 V  बैटरी से संयोजित 12 Ω और 2Ω प्रतिरोधों का पार्श्व क्रम संयोजन |

Ans.

विभवान्तर(V)=6 V

प्रतिरोध  R1 = 1Ω   ,R2= 2Ω

     (i) जब 1Ω और 2Ω को श्रेणीक्रम में संयोजित किया  जाता  है तो  

 

कुल प्रतिरोध  R=R_1+\ R_2
= 1 + 2 = 3Ω
V=IR
6=I × 3
I=\frac{6}{3}=2Amp
शक्ति (P)=VI = 6× 2=12W

(ii) जब 2Ω और 12Ω को पार्श्वक्रम में संयोजित किया जाता है तो

 

कुल प्रतिरोध \frac{1}{R}=\ \frac{1}{R_1}\ +\ \frac{1}{R_2}
\frac{1}{R}=\ \frac{1}{2}\ +\ \frac{1}{12}
\frac{1}{R}=\frac{6\ +\ 1\ }{12}=\frac{7}{12}
R=\ \frac{12}{7}
2Ω के प्रतिरोध में धारा 
I=\frac{4}{2}=2A
P=VI
= 4 ×2 = 8W

Q.15     दो विद्युत् लैंप जिनमे से एक का अनुमतांक 100W:220 V तथा दुसरे का  60W: 220 V है , विद्युत् मेंस के  साथ पार्श्वक्रम में संयोजित है | यदि विद्युत् आपूर्ति की वोल्टता  220 V  है तो विद्युत् मेंस से कितनी धारा ली जाती है?

 

पहले लेंप का प्रतिरोध R_1=\ \frac{V^2}{P}
=\frac{{(200)}^2}{100}=\ 484\Omega
दूसरे लेंप का प्रतिरोध R_2=\ \frac{V^2}{P}
=\frac{{(200)}^2}{60}=806.7\Omega

दोनों लेंपों को पार्श्वक्रम में संयोजित किया जाता है  तो कुल प्रतिरोध

 

\frac{1}{R_P}=\ \frac{1}{R_1}+\ \frac{1}{R_2}
\frac{1}{R_P}=\frac{1}{484}+\ \frac{1}{806.7}
R_P=\frac{484\ \times\ 806.7}{484\ +\ 806.7}=\frac{390442.8}{1290.7}
R_P=302.6\Omega
I=\ \frac{V}{R_P}=\frac{220}{302.6}=\ 0.73A

Q.16     किसमे अधिक विद्युत  ऊर्जा उपभुक्त होती है 250 W का टीवी 1 घंटे तक चलाया जाता है अथवा 1200W   का विद्युत्  हीटर 10 मिनट के लिए चलाया जाता है ?

Ans.

ऊर्जा का उपयोग

(i)जब 250 W का टीवी एक घंटे के लिए चलाया जाता है

                                    = 250 1= 250Wh

(ii) जब 1200 W विद्युत् हीटर 10 मिनट के लिए चलाया जाता है

 

 

     1200\ \times\frac{10}{60}=\ 200Wh

अत: टी.वी अधिक ऊर्जा का उपयोग  करता है |

Q.17       8 Ω  प्रतिरोध का कोई विद्युत हीटर मेंस से 2 घंटे तक  15  A विद्युत् धारा लेता है | हीटर में उतपन्न ऊष्मा की दर परिकलित कीजिये|

Ans

दिया  गया

विद्युत धारा (I)= 15A

प्रतिरोध (R) = 8Ω

समय (t)= 2h

ऊष्मा की दर का अर्थ है कि प्रति सेकंड उत्पन्न ऊष्मा

 

अत: H=P=I^2Rt
H={(15)}^2\times8\times2=3600J/s

Q.18     निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिये :

(a) विद्युत लैंप के तंतुओं के निर्माण में प्राय:  एकमात्र टंग्स्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है ?

(b) बिजली के विद्युत तापन युक्तियों जैसे ब्रेड टोस्टर तथा विद्युत् इस्तरी के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्र धातुओं के क्यों बनाए जाते हैं?

(c) घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

(d) किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल में परिवर्तन के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है?

(e) आमतौर विधुत संचारण के लिए प्राय: कॉपर तथा एल्यूमीनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है ?

Ans.      (a) टंगस्टन का उपयोग लगभग सभी उपकरणों के तंतुओं में काम लिया जता है क्यों कि इलेक्ट्रिक लैंप के फिलामेंट के लिए किया जाता है, क्योंकि इसका गलनांक 3380°C है। यह उच्च तापमान पर ऑक्सीकरण नहीं होता है।

(b) बिजली के विद्युत तापन युक्तियों जैसे ब्रेड टोस्टर तथा विद्युत् इस्तरी के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्र धातुओं के  बनाए जाते हैं क्यों कि  शुद्ध धातु की  अपेक्षा   मिश्र धातु की प्रतिरोधकता अधिक होती है।      

(c) श्रेणीक्रम संयोजन का प्रतिरोध सभी   प्रतिरोधको(प्रयुक्त उपकरणों के)के  प्रतिरोधों का योग है। इसलिए घरेलू परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन  का उपयोग नहीं किया जाता है।

(d) किसी दतार का प्रतिरोध चालक द्वारा उत्पन्न  बाधा है। जब तार को  एक बैटरी से जोड़ा  जाता है तो उसके सिरों पर विभवान्तर उत्पन्न होता है |जिसके कारण इलेक्ट्रॉनों का त्वरित स्थानान्तरण होता है। इलेक्ट्रॉनों की गति में  चालक के परमाणु बाधा उतपन्न करते  हैं। इसलिए यदि तार का क्षेत्रफल कम है तो इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह में बाधा अधिक उत्पन्न होती है और यदि क्षेत्रफल  अधिक है तो बाधा कम उत्पन्न होती है|अत: प्रतिरोध कम होता है|   

(e) विधुत संचारण के लिए प्राय: कॉपर तथा एल्यूमीनियम के तारों का उपयोग किया जाता है क्योंकि उनकी प्रतिरोधकता बहुत कम होती है और वे विद्युत  के अच्छे चालक होते हैं।

 

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