RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi अम्ल, क्षार और लवण  के सभी प्रश्नोत्तर दिए गए है,  जिनका पूर्ण और विस्तृत विवरण दिया गया है।RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi अम्ल, क्षार और लवण कक्षा 10 के छात्रों को अवधारणाओं को समझने में पूरी तरह से मदद करेगा | RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi  अम्ल, क्षार और लवण में पूरे पाठ्यक्रम को शामिल किया गया हैं |

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 अम्ल, क्षार और लवण कक्षा 10 के लिए NCERT   विज्ञान के अध्याय 2 अम्ल, क्षार और लवण के विषय और उप-विषय को जानने से पहले आपको इसका अध्ययन करना चाहिए।इस लेख में अध्याय के अंतर्गत आने  वाले सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए है |

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi अम्ल, क्षार और लवण

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 अम्ल, क्षार और लवण कक्षा 10  के मुख्य बिंदु निम्न है –

1.अम्ल और क्षार के रासायनिक गुणधर्म समझना

  1. प्रयोगशाला में अम्ल एंव क्षारक
  2. अम्ल एंव क्षारक धातु के साथ कैसे अभिक्रिया करते हैं ?
  3. धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्ल के साथ कैसे अभिक्रिया करते हैं ?
  4. अम्ल एंव क्षारक परस्पर कैसे अभिक्रिया करते हैं ?
  5. अम्लों के साथ धात्विक  ऑक्साइडो की अभिक्रिया
  6. क्षारक के साथ अधात्विक ऑक्साइड की अभिक्रिया

2. सभी अम्लों और सभी क्षारों में क्या समानता है?

i.जलीय विलयन में अम्ल या क्षारक का क्या होगा ?

3. अम्ल या क्षार विलयन कितने प्रबल होते हैं?

i.दैनिक जीवन में का महत्त्व

4. लवण के सम्बन्ध  में अधिक जानकारी

RBSE और  अन्य सभी राज्यों जहाँ कक्षा 10 के लिए NCERT विज्ञान लागू है , वे  विद्यार्थी भी इन solution  का उपयोग कर सकते हैं ।

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi अम्ल, क्षार और लवण – पाठ्य पुस्तक प्रश्न:

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi प्रश्न page 20

 

प्र.1 आपको तीन परखनलियाँ प्रदान की गई हैं।इनमे  से एक में आसवित  जल एवं  शेष दो में एक में  अम्लीय विलयन और  दूसरे में क्षारीय विलयन  है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्र  दिया जाता है, तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे ?

उत्तर  सबसे पहले, हम सभी परखनलियों  में लाल लिटमस पत्र  को डुबो देंगे, जिस परखनली  में लाल लिटमस नीले रंग में बदल जाता है, उसमें क्षारीय विलयन   है। अब इस तरह बदले हुए नीले लिटमस पेपर को अन्य दो परखनली में डुबोएं, जिस परखनली में नीला लिटमस लाल में बदलता है वह अम्लीय घोल है और तीसरी परखनली में आसुत जल होगा।

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter in Hindi 2 प्रश्न पेज 24

 

Q.1 पीतल और तांबे के बर्तन में दही और खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?

उत्तर – दही और अन्य खट्टे पदार्थों में अम्ल होता है। इसलिए, जब उन्हें पीतल और तांबे के बर्तन में रखा जाता है, तो धातु अम्ल के साथ क्रिया करके  हाइड्रोजन गैस मुक्त करने के लिए  करती है और हानिकारक और विषैले पदार्थो का निर्माण होता है और  उ खाद्य पदार्थ खराब हो जाते हैं, इसलिए यह सलाह दी जाती है कि दही और अन्य खट्टे पदार्थों को पीतल या तांबे के बर्तन में न रखें।

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Q.2 धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यत:  कौन सी गैस निकलती है? एक उदाहरण से समझाइए। गैस की उपस्थिति की जांच आप कैसे करेंगे

उत्तर- जब कोई अम्ल किसी धातु से अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है हम जिंक के दानों के कुछ टुकड़े लेते हैं और 5 मिली तनु  H2SOमिलाते हैं। कुछ समय बाद एक गैस उत्पन्न होती है जिसे साबुन के घोल में प्रवाहित किया जाता है। साबुन के घोल के बुलबुले बनते हैं। इन साबुन के बुलबुलों में हाइड्रोजन गैस होती है। जब हम एक जलती हुई मोमबत्ती को बुलबुले के पास ले जाते हैं, तो वे पॉप ध्वनि के साथ फूटती हैं जो साबित करती हैं कि निकलने वाली गैस हाइड्रोजन है।

2H2SO4+Zn → Zn(SO2)2+ 2H2

 

Q.3 कोई  धातु यौगिक ‘A’ , तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो  बुदबुदाहट उत्पन्न होती  है, इससे उत्पन्न होने वाली गैस जलती हुई मोमबत्ती को बुझा देती है और  यदि उत्पन्नं यौगिकों में एक से केल्सियम क्लोराइड है , तो इस अभिक्रिया  के लिए एक संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए |

उत्तर – धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके एक गैस बनाता है जो जलती हुई मोमबत्ती को बुझा देती है अर्थात निकलने वाली गैस कार्बन डाइऑक्साइड है अन्य उत्पाद कैल्शियम क्लोराइड है, इसलिए यौगिक ‘A’ कैल्शियम का कार्बोनेट है।

CaCO3 + 2HCl → CaCl3 + H2O + CO2

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi प्रश्न पेज 27

 

Q.1 HCl, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं? जलीय विलयन में जबकि एल्कोहोल  और ग्लूकोज जैसे यौगिकों के विलयन में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित   होते हैं?

उत्तर – HCl, HNO3  जलीय विलयन  में अम्लीय अभिलक्षण  दिखाते हैं क्योंकि वे H+  आयन उत्पन्न करते हैं, हालांकि ग्लूकोज और अल्कोहल के जलीय विलयन  में हाइड्रोजन होता है लेकिन ये H+  (हाइड्रोजन) आयन जलीय विलयन में अलग नही होते है  इसलिए, वे अम्लीय अभिलक्षण नहीं दिखाते हैं। हाइड्रोजन आयन बनाने के लिए HCl या HNO3  का पृथक्करण हमेशा पानी की उपस्थिति में होता है। हाइड्रोजन आयन (H+) H2O के साथ मिलकर हाइड्रोनियम आयन (H3O+) बनाते हैं।

 

HCl(aq) → H+ + Cl

 

H+  +   H2O → H3O+

 

Q.2 अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?

उत्तर- अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का सुचालक होता है क्योंकि जलीय विलयन में अम्ल धनायन और ऋणायन उत्पन्न करता है। ये आयन  विद्युत के संचालन के लिए जिम्मेदार हैं।

 

Q.3 शुष्क हाइड्रोक्लोरिक  गैस शुष्क लिटमस पत्र के  रंग को क्यों नहीं बदलती?

उत्तर –  H+  आयन HCl के अम्लीय गुण और लिटमस पेपर के रंग परिवर्तन  के लिए जिम्मेदार होते हैं। H+  आयन केवल जल की उपस्थिति में बनते हैं,  अतः शुष्क HCl शुष्क लिटमस पेपर के साथ H+ नहीं बनाता है, इसलिए शुष्क HCl गैस शुष्क लिटमस पेपर का रंग नहीं बदल सकती है।

 

Q.4 अम्ल को तनुकृत करते समय यह  क्यों अनुशंसित करते है कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न कि जल में अम्ल को?

उत्तर- जल में अम्ल को मिलाने  की प्रक्रिया ऊक्ष्माक्षेपी अभिक्रिया होती है जब एसिड में थोड़ी मात्रा में पानी मिलाया जाता है, इस वजह से गर्मी पैदा होती है और जल से वाष्प होता है और जल वाष्प के साथ एसिड फैल जाता है और चोट लग सकती है, इसलिए हमेशा यह सिफारिश की जाती है कि अम्ल  को जल में मिलाना चाहिए ।

 

Q.5 अम्ल के विलयन को तनुकृत करने पर हाइड्रोनियम आयनों (H3O+) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?

उत्तर- जब किसी अम्ल के विलयन को तनुकृत किया जाता है, तो हाइड्रोनियम आयनों (H3O+) की सांद्रता कम हो जाती है।

 

Q.6 जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन  में आधिक्य में क्षारक मिलाते है तो  हाइड्रॉक्साइड आयनों (OH-) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?

उत्तर- जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन   में अतिरिक्त क्षारक मिलाते है , तो हाइड्रॉक्साइड (OH-) आयनों की सांद्रता बढ़ती है |

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi प्रश्न पेज 31

 

Q.1 आपके पास दो विलयन A और B हैं। विलयन A का pH 6 है और विलयन B का pH 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन सांद्रता अधिक है? इनमें से कौन सा अम्लीय है और कौन सा क्षारीय है?

उत्तर- 7 से कम का pH मान अम्लीय विलयन को बताता है , जबकि 7 से अधिक का मान क्षारीय  विलयन को दर्शाता है। अतः pH = 6 वाला विलयन अम्लीय होता है और pH = 8 का विलयन क्षारीय होता है। अतः PH=6 के साथ विलयन A में विलयन B की तुलना में अधिक हाइड्रोजन आयन होते हैं।

 

Q.2 H+ (aq) की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर- H+ (aq) की सांद्रता विलयन की अम्लीय प्रकृति के समानुपाती होती है। H+ (aq) आयनों की अधिक सांद्रता का अर्थ है अधिक अम्लीय प्रकृति और H+ (aq) आयनों की कम सांद्रता का अर्थ है विलयन की कम अम्लीय प्रकृति।

 

Q.3 क्या क्षारकीय विलयन में भी H+ (aq) आयन होते हैं? यदि हाँ, तो वे क्षारकीय  क्यों हैं?

उत्तर-  हाँ, क्षारकीय विलयन में H+ आयन भी होते हैं। लेकिन उनकी सांद्रता OH- आयन की सांद्रता की तुलना में कम होती है। इसलिए वे प्रकृति में क्षारकीय होते  हैं।

प्र.4 कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थति में बिना ब बुझा हुआ चूना (कैल्शियम ऑक्साइड) या बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) या चाक (कैल्शियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा।

उत्तर- यदि मिट्टी अम्लीय और खेती के लिए अनुपयुक्त है, तो मिट्टी की क्षारीयता बढ़ाने के लिए, किसान मिट्टी को बुझा हुआ चूना या बुझा हुआ चूना या चाक से उपचारित करेगा क्योंकि बिना बुझा चूना , बुझा हुआ चूना और चाक प्रकृति में क्षारकीय होते हैं।

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi प्रश्न पेज 36

 

Q.1 CaOCl2 यौगिक का प्राचलित  नाम क्या है?

उत्तर-  ब्लीचिंग पाउडर।

 

Q.2 उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके  विरंजक चूर्ण बनाता है?

उत्तर-   शुष्क  बुझा हुआ चूना [कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Ca (OH)2]

 

Q.3 सोडियम यौगिक का नाम जो कठोर जल को मृदु बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

उत्तर- वाशिंग सोडा [सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3.10H2O)] का उपयोग कठोर जल को मृदु बनाने के लिए किया जाता है।

 

Q.4 सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस  अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए |

उत्तर- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के विलयन को गर्म करने सोडियम  कार्बोनेट में बदल जाता है

2NaHCO3 → Na2CO3 +H2O + CO2

 

Q.5 प्लास्टर ऑफ पेरिस की जल के साथ  अभिक्रिया के लिए एक समीकरण लिखिए।

उत्तर।-CaSO4 .1/2H2O + 1 1/2H2O → CaSO4 + 2H2O

(प्लास्टर ऑफ पेरिस)                                  (जिप्सम)

 

RBSE Solutions for Class10 Science Chapter 2 in Hindi अभ्यास प्रश्न

 

Q.1 कोई  विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH संभवत क्या होगा ?

(A) 1

(B) 4

(C) 5

(D) 10

उत्तर-  (D) 10

 

Q.2 कोई विलयन अंडे के पीसे  हुए कवच से अभिक्रिया  कर एक गैस  उत्पन्न  करता है जो चूने के पानी को दूधिया  कर देती है | इस विलयन में क्या होगा ?

(A) NaCl

(B) HCl

(C) LiCl

(D) KCl

उत्तर- (D) HCl

 

Q.3 NaOH के घोल का 10 mL HCl के दिए गए घोल के 8 mL  विलयन से पूर्णत;  उदासीन हो जाता  है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें, तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन  की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?

(A) 4 ml

(B) 8 ml

(C) 12 ml

(D) 16 ml

उत्तर -(D) 16 ml

 

Q.4 अपच का उपचार करने  के लिए निम्न में से किस  औषधि का उपयोग किया जाता है?

(A) एंटीबायोटिक(प्रतिजैविक)

(B) एनालजैसिक (पीड़ाहारी)

(C) एंटासिड

(D) एंटीसेप्टिक(प्रतिरोधी)

उत्तर-  (D) एंटासिड

 

Q.5 निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द समीकरण लिखिए और उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए –

(A) तनु  सल्फ्यूरिक अम्ल दानेदार  जिंक ग् के साथ अभिक्रिया  करता है|

(B) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल  मैग्नीशियम रिबन के साथ अभिक्रिया करता है|

(C) तनु  सल्फ्यूरिक अम्ल एल्यूमीनियम चूर्ण  के साथ अभिक्रिया करता है|

(D) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लोहे के बुरादे के साथ अभिक्रिया  करता है

उत्तर

(A) सल्फ्यूरिक एसिड + जिंक → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन

H2SO4(aq) +  Zn(s)  → ZnSO4(aq) + H2(g)

(B) हाइड्रोक्लोरिक एसिड + मैग्नीशियम → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन

2HCl(aq)  + Mg(s) → MgCl2(aq)   + H2(g)

(C) सल्फ्यूरिक एसिड + एल्यूमिनियम → एल्यूमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन

3H2SO4(aq)     +    2Al(s) →     Al2(SO4)3 (aq)  +     3H2(g)

(D) हाइड्रोक्लोरिक एसिड + आयरन → फेरिक क्लोराइड + हाइड्रोजन

6HCl(aq)   +  2Fe(s)   → 2FeCl3(aq)  +  3H2(g)

 

Q.6 एल्कोहॉलऔर ग्लूकोज जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होता है लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है।  एक क्रियाकलाप द्वारा इसे साबित  कीजिए।

उत्तर – उद्देश्य  – अम्ल में उपस्थित हाइड्रोजन आयन आयनिक होता है जबकि अल्कोहल में हाइड्रोजन आयन, ग्लूकोज आयनिक नहीं होता है|

विधि– सबसे पहले हम एल्कोहॉल, ग्लूकोज, हाइड्रोक्लोरिक एसिड का जलीय विलयन तैयार करते हैं। अब हम एक 100  मि.ली. क्षमता का बीकर लेते हैं और एक कॉर्क पर और उसमें दो कीलें लगी हुई हैं। फिर कीलों को एक 6 वोल्ट की बैटरी, एमीटर, एक टॉर्च बल्ब के दो टर्मिनलों से जोड़ा जाता है और एक बल्ब और एक स्विच के माध्यम से स्विच किया जाता है। कुछ तनु HCl बीकर में डाला जाता है और विद्युत् धारा प्रवाहित किया जाता है। फिर वही प्रयोग ग्लूकोज के विलयन  औ एल्कोहॉल के विलयन के साथ किया जाता है।

अवलोकन:  बल्ब HCl  के विलयन  में चमकता या जलता     है और ग्लूकोज के विलयन  में नहीं चमकता है।

परिणाम: HCl, H+ और Cl- आयनों में वियोजित हो जाता है। ये आयन विलयन में विद्युत का संचालन करते हैं जिसके परिणामस्वरूप बल्ब  जलता  है। दूसरी ओर, ग्लूकोज विलयन आयनों में वियोजित नहीं होता है। तो, यह विद्युत  का संचालन नहीं करता है।

 

Q.7 आसवित  जल विद्युत का चालक  क्यों नहीं  होता है  जबकि वर्षा जल होता  है?

उत्तर- आसुत जल जल का शुद्ध रूप है और इसमें कोई आयन मुक्त नहीं पाए जाते  है। इसलिए, यह विद्युत का चालक  नहीं  होता  है, लेकिन दूसरी ओर वर्षा-जल वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को  वियोजन कर के कार्बोनिक एसिड (H2CO3) बनाता है जो H+ आयन बनाता है। और H+ आयनों की उपस्थिति के कारण, वर्षा  का जल  विद्युत  का संचालन करता है, लेकिन आसुत जल नहीं कर सकता।

 

Q.8 जल  की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता  हैं?

उत्तर- अम्ल केवल जल में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं और ये आयन शुष्क अम्लों में उत्पन्न नहीं होते हैं। हाइड्रोजन आयन अम्लीय प्रकृति के लिए उत्तरदायी होते हैं इसलिए अम्ल जल की अनुपस्थिति में अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाता है।

 

Q.9 पांच विलयनों A, B, C, D और E का जब सार्वत्रिक सूचक से जांच की जाती है  तो pH के  मान  क्रमशः 4, 1, 11, 7 और 9 प्राप्त होते हैं । कौन सा विलयन  है:

(ए) उदासीन है ?

(बी) प्रबल  क्षारीय?

(सी) प्रबल  अम्लीय?

(डी) दुर्बल  अम्लीय?

(ई) दुर्बल   क्षारीय?

 PH  के  मानों को  हाइड्रोजन आयन सांद्रता के  आरोही  क्रम में व्यवस्थित कीजिये ।

उत्तर- हाइड्रोजन आयन सांद्रता के बढ़ते क्रम में पीएच 11 <9 <7 <4 <11

Solutions Showing PH
उदासीन विलयन   7 (solution –D)
प्रबल क्षारीय 11(solution- C)
प्रबल अम्लीय 1(solution – B)
दुर्बल अम्लीय  4 (solution – A)
दुर्बल क्षारीय 9 (solution – E)

 

Q.10  परखनली ‘A’ एंव  ‘B’ में सामान  लंबाई के मैग्नीशियम की  पट्टी लीजिये | परखनली ‘A’ में  हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl)  तथा परखनली ‘B’में एसिटिक एसिड (CH3COOH) डालिए ।दोनों अम्लों की मात्रा  और सांद्रता सामान है | किस परखनली में  अधिक तेजी से बुदबुदाहट  होगी और क्यों?

उत्तर- परखनली A में  बुदबुदाहट अधिक तीव्रता से होगी क्योंकि HCl एक प्रबल अम्ल है और यह अधिक संख्या में H+ आयन उत्पन्न करता है जबकि एसिटिक अम्ल एक दुर्बल अम्ल है।

 

Q.11 ताजे दूध का pH का मान  6 होता है।  दही बन जाने पर इसके   pH के मान में क्या परिवर्तन होगा ? अपना उत्तर समझाइये |

उत्तर – जब दूध दही में बदल जाता है तो लैक्टिक एसिड बनने के कारण उसका pH मान 6 के मान से कम हो जाएगा। यह स्वाद में भी खट्टा हो जाता है |

 

Q.12 एक ग्वाला  ताजे दूध में थोड़ा  बेकिंग सोडा मिलाता है।

(A) ताजा  दूध के pH के मान  को 6 से बदलकर थोड़ा क्षारीय  क्यों  बना देता है?

(B) इस दूध को  दही बनने  में अधिक समय क्यों लगता  है?

उत्तर- (A) दूधवाला ताजे दूध के pH को 6 से थोड़ा क्षारीय में बदल देता है और थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा मिलाता है , क्योंकि क्षारीय अवस्था में दूध आसानी से दही नहीं बनता  है, जिससे लैक्टिक के  pH को कम करने में समय लग सकता है।

(B) सूक्ष्मजीवों की क्रिया से लैक्टिक एसिड बनता है जिसका पीएच लगभग 3 होता है, लेकिन जब इसमें बेकिंग सोडा मिलाया जाता है, तो दूध का पीएच 7 से ऊपर चला जाता है, इस कारण दूध में अम्ल , क्षार  द्वारा बेअसर हो जाता है। इसलिए दही जमने में ज्यादा समय लगता है।

 

Q.13 प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए। इसकी व्यख्या कीजिये?

उत्तर- प्लास्टर ऑफ पेरिस जल से अभिक्रिया कर कठोर पदार्थ में परिवर्तित हो जाता है। इसीलिए; इसे  आर्द्र रोधी बर्तन में संग्रहित किया जाता है।

CaSO4 .H2O+ H2O    →  CaSO4 . 2H2O

 

Q.14 उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर-  जब कोई अम्ल और क्षार एक दूसरे से अभिक्रिया करके लवण और जल देते हैं तो उसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। इस अभिक्रिया में ऊष्मा के रूप में ऊर्जा का  निकास  होता है।  NaOH +  HCl     →  NaCl    +    H2O

 

Q.15 धोने का  सोडा और बेकिंग सोडा के दो -दो महत्वपूर्ण उपयोग बताएं।

उत्तर-  1) वाशिंग सोडा (Na2CO3.10H2O)- इसका उपयोग कांच, साबुन और कागज उद्योगों में किया जाता है। इसका उपयोग पानी की स्थायी कठोरता को हटाने के लिए किया जाता है|

(2) बेकिंग सोडा(NaHCO3) –  इसका उपयोग बेकिंग पाउडर के रूप में किया जाता है। बेकिंग पाउडर बेकिंग सोडा और एक हल्के अम्ल  का मिश्रण है जिसे टार्टरिक एसिड कहा जाता है। इसका उपयोग सोडा-एसिड अग्निशामक में किया जाता है

 

Also read –

RBSE Class 10 Science
  1. Chapter -1- रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण
  2. Chapter -2 – Short Questions with answers in Hindi

 

 

 

 

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